ये कहानी है एक ऐसे अमीर रईस की जो चालीस साल के बाद अपने उस इश्क़ की तरफ लौटता है जिसे वो जवानी में छोड़ आया था… वो इश्क़ जो उसे इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि वो बगावत नहीं कर पाया था अपने वालिद से… पर अब जब वो उम्र के उस मोड़ पर है जहां वो तन्हा है, अकेला है तो वो उस आफ़रीन को ढूंढता है जिसे छोड़कर आया था… अब आफ़रीन कैसी है, कहां है… क्या हुआ था उसके साथ… क्या वो अपनाएगी खां साहब को.. दोबारा? देखिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी ‘आख़िरी उम्र का इश्क़’ स्टोरीबॉक्स में