ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहलेवी की जिन्हें कहा जाता है कि वो ख़ूबसूरती के आशिक़ थे और उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने बचपन में ज़िंदगी के बदसूरत यादों को आसपास फैली रंगीनियों से भरने की कोशिश की लेकिन उससे बड़ी हक़ीकत ये है कि उर्दू शायरी में जो उनका काम है उसने शायरी को नयी ज़मीन और नया आसमान दिया. सुनिये दाग़ के वालिद साहब को अंग्रेज़ी हुकूमत ने क्यों मारा था? और कहानी उस मर्डर मिस्ट्री की जिसका राज़ खुला एक फारसी में लिखे हुए ख़त से, देखिए पूरा एपिसोड STORYBOX में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी