
फर्जी शपथ-पत्र, मारपीट और धमकी के आरोपों को लेकर किसान ने मांगी सुरक्षा
रामपुर/बिलासपुर। ग्राम सीहोर निवासी भूपेंद्र माली ने अपने नाम से कथित फर्जी शपथ-पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया है। भूपेंद्र का कहना है कि उक्त शपथ-पत्र पर उनके नाम से कथित तौर पर कूटरचित हस्ताक्षर किए गए और उनकी जानकारी अथवा अनुमति के बिना इसे न्यायालय में दाखिल किया गया।
भूपेंद्र के अनुसार शपथ-पत्र पर उनकी फोटो और आधार कार्ड की प्रति संलग्न नहीं है तथा शपथ-पत्र तैयार किए जाने की तारीख भी स्पष्ट नहीं है। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने संबंधित कमिश्नर/नोटरी के रजिस्टर में कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
भूपेंद्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।
मारपीट और धमकी का भी आरोप
भूपेंद्र का आरोप है कि 15 सितंबर 2026 को ग्राम नयागांव में उन्होंने रवि कुमार शर्मा (पी एंड जी पब्लिक स्कूल) से कथित फर्जी शपथ-पत्र के संबंध में जानकारी मांगी थी। उनका आरोप है कि इसी दौरान रवि कुमार शर्मा और उनके भाई अनिल कुमार शर्मा द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। भूपेंद्र के मुताबिक मौके पर मौजूद अमनदीप सिंह सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। उन्होंने दोनों पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
इस घटना को लेकर भूपेंद्र ने थाना बिलासपुर में प्रार्थना-पत्र देने तथा उसकी प्रति पुलिस अधीक्षक, रामपुर को सौंपने की बात कही है।
जमीन के लेन-देन का भी मामला
भूपेंद्र की पत्नी सिमरन माली की ओर से भी पुलिस को एक प्रार्थना-पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई है। उनके अनुसार रवि कुमार शर्मा द्वारा करीब 8 एकड़ भूमि दो वर्ष के लिए ₹3 लाख में ठेके पर दी गई थी, लेकिन बाद में भूमि पर खेती नहीं करने दी गई और कथित रूप से भुगतान की गई राशि भी वापस नहीं की गई।
मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
भूपेंद्र का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद उन्हें लगातार फोन कॉल प्राप्त हो रहे हैं और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि कुछ अन्य व्यक्तियों और अधिवक्ताओं के माध्यम से मुकदमा वापस लेने के लिए कहा गया तथा ऐसा नहीं करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की बातें कही गईं।
भूपेंद्र ने स्पष्ट किया है कि वह किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं कर रहे हैं और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से कथित फर्जी शपथ-पत्र और हस्ताक्षरों की जांच, संबंधित नोटरी/कमिश्नर रजिस्टर एवं अभिलेखों की जांच तथा स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
UP22 News: इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्षों का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



